Saturday, October 3, 2009

मक्खन से भी आगे निकला लौंग का तेल

तथाकथित पत्रकारों का नया कारनामा


कबिरा तेरे देश में भांति-भांति के जीव
कुछ तेलू, पेलू और कुछ खबरनबीस।।

ऐसे ही जीवों की एक प्रजाति है पत्रकार। इनके बारे में क्या बताएं, बेचारे दुखिया हैं।।
इसीलिए इनको मेमना भी कहा जाता है। मेमना इसलिए क्योंकि मुलायम गोश्त खाने वाले कभी भी इन्हें हलाल कर सकते हैं। अब पत्रकार हलाल होगा या झटका, इस बहस में मत पड़िए। हर पत्रकार अपनी किस्मत लिखा के लाया है। उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की अनेक नस्लें हैं। प्रदेश छोड़िए, शहर में ही नस्लों का अंबार मिल जाएगा। हर पत्रकार अलग ही नसल का होता है। अब किसकी क्या नसल है ये तो उसकी श्रद्धा पर ही निर्भर होता है। हालांकि नस्लीय पत्रकार की भी कई प्रजातियां हैं। अब ये तो अवसर की बात है। किसको क्या मिले ये भी मुकद्दर की बात है।
खैर वर्तमान में पत्रकारों की हाइब्रिड नसल ही सबसे अच्छी मानी जाती है। इस
नसल में मक्खन, घी, तेल सभी का प्रयोग किया जाता है। इसमें क्वालिटी मेनटेन करना ही प्रमुख उद्देश्य होता है। जैसे ही क्वालिटी डैमेज होती है, वैसे ही काम लग जाता है। फिर वही पत्रकार तथाकथित पत्रकार की श्रेणी में आ जाते हैं। एक सर्वे में पता चला है कि बाजार से घी, तेल, मक्खन तथा इनसे संबंधित तैलीय व चिकनाईयुक्त पदार्थ पहले ही बुक हो चुके हैं या खरीदे जा चुके हैं।
कुछ करिश्माई तथाकथित पत्रकारों ने नए आविष्कार खोज निकाले हैं और मंदी के इस दौर में मार्केट में नए प्रोडक्ट्स लांच कर दिए हैं। इन प्रोडक्ट्स में ज्यादा चिकनाई है। जैसे सांडे का तेल, लहसुन और लौंग का तेल। हमने ऐसे कुछ तथाकथित पत्रकारों से जानना चाहा कि मंदी के दौर में भी इतने महंगे और किफायती तेल की क्या जरूरत थी। झट से पलट कर बोले, सर्दी शुरू हो रही है। निष्कर्ष ये ही निकलता है कि सिस्टम की कितनी भी सफाई क्यों न कर ली जाए। ऐसी जंगली घास उगती ही रहेगी।

-ज्ञानेन्द्र

9 comments:

  1. एक नई प्रजाति का पता लगा :-)

    एग्रीगेटरों के द्वारा अपने ब्लॉग को हिंदी ब्लॉग जगत परिवार के बीच लाने पर बधाई।

    सार्थक लेखन हमेशा सराहना पाता है।

    मेरी शुभकामनाएँ

    बी एस पाबला

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  2. बहुत ... बहुत .. बहुत अच्छा लिखा है
    हिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
    टेम्पलेट अच्छा चुना है. थोडा टूल्स लगाकर सजा ले .
    कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें .(हटाने के लिये देखे http://www.manojsoni.co.nr )
    कृपया मेरे भी ब्लागस देखे और टिप्पणी दे
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  3. हकीकत से आँखें मिलाती आपकी रचना पसंद आयी।

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  4. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत हैं, लेखन कार्य के लिए बधाई
    यहाँ भी आयें आपके कदमो की आहट इंतजार हैं,
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  5. बहुत खूब. लिखते रहिये.स्वागत है.

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  6. Bahut Barhia... aapka swagat hai...

    thanx
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  7. चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. आप बहुत अच्छा लिख रहे हैं, और भी अच्छा लिखें, लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.
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    हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

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  8. बहुत बढिया लिखा आपने .. हिन्‍दी चिट्ठा जगत में आपका स्‍वागत है .. उम्‍मीद करती हूं .. आपकी रचनाएं नियमित रूप से पढने को मिलती रहेंगी .. शुभकामनाएं !!

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